न्यूज। अमेरिका के लगभग 10 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं आैर लाखों अन्य लोग अच्छी नींद नहीं आने की शिकायत करते हैं। अनिद्रा को लेकर किए जा रहे एक शोध में पता चला कि खराब नींद के कारण हृदय रोग सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
पेन स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसिन में मनोचिकित्सा आैर व्यवहारिक स्वास्थ्य, तंत्रिका विज्ञान एवं जन स्वास्थ्य विज्ञान ी टीम ने इस शोध में जिन बिन्दुओं पर चर्चा की है उनमें नींद की जरूरत, किशोरों को वयस्कों की तुलना में अधिक नींद की जरूरत क्यों होती ै।
रात में लगभग सात से आठ घंटे की नींद लेने वाले व्यस्कों का शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य आमतौर पर सबसे अच्छा होता है आैर ज्यादा समय तक जीते हैं।
लेकिन उम्र के साथ ये सुझाव थोड़े बदल जाते हैं। जिन व्यस्कों की उम्र 65 वर्ष से अधिक उनके लिए रात में केवल छह से सात घंटे की नींद भी काफी हो सकती है। इसलिए, अगर कोई बुजुर्ग स्वस्थ हैं तो उन्हें इस बात पर चिंतित नहीं होना चाहिए कि वे केवल छह घंटे की नींद ले पा रहे हैं। युवाओं को सबसे अधिक कम से कम नौ घंटे की नींद की आवश्यकता होती है आैर कुछ छोटे बच्चों को इससे भी अधिक की जरूरत हो सकती है।
कम नींद कैसे हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है?
हमारी टीम ने सबसे पहले पाया कि अनिद्रा की शिकायत करने वाले लोगों में उच्च रक्तचाप आैर हृदय रोग का जोखिम अधिक होता है।
किशोरों आैर वयस्कों दोनों में, हमने पाया कि अनिद्रा आैर कम नींद के कारण तनाव, हार्मोन का स्तर आैर सूजन जैसी समस्याएं हो सकते हैं। आमतौर पर इस तरह के लक्षण हृदय रोग से पहले दिखाई देते हैं।
कैफीन आैर शराब का कम सेवन, धूम्रपान न करना, नियमित रूप से व्यायाम, ये ऐसी आदतें हैं जो अच्छी नींद में मदद करते हैं। मैं सलाह देता हूं कि भोजन को न छोड़ें, रात को बहुत देर से भोजन न करें आैर बहुत ज्यादा भोजन भी न करें।
लेकिन लंबे समय से नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों को व्यवहार में आैर बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। अध्ययन छह नियमों को मानने की सलाह देता जो आपकी नींद में सुधार कर सकते हैं। ये नियम ऐसे हैं जिनका पालन करने में आपको ज्यादा समय भी नहीं लगेगा।
सबसे पहला: चाहे कुछ भी हो आप हर दिन एक ही समय पर उठें। चाहे आपको कितनी भी नींद आए। यह आपके नींद/जागने के चक्र को स्थिर करेगा।
दूसरा: सोने आैर संभोग के अलावा बिस्तर पर कोई भी अन्य काम न करें।
तीसरा: जब आपको नींद न आए तो बिस्तर पर बेवजह न लेटे रहें। इसके बजाय बिस्तर से उठें, अगर हो सके तो दूसरे कमरे में जाकर ऐसी कोई गतिविधि करें जो मजेदार या आरामदेह हो। जब आप सोने के लिए तैयार हों, तभी बिस्तर पर वापस जाएं।
चौथा: खराब नींद के बाद भी अपने रोजाना के कामकाज जारी रखें। दिन के समय नींद की कमी को पूरा करने की कोशिश न करें। अगर आपको अनिद्रा की समस्या है आैर पिछली रात अच्छी नींद नहीं आई तो दिन या शाम के दौरान झपकी न लें, न सोएं।
पांचवां: बिस्तर पर तभी जाएं जब आपको वास्तव में नींद आ रही हो।
छठा: कम से कम पांच घंटे की नींद से शुरुआत करें आैर फिर इसे साप्ताहिक रूप से 15 मिनट तक बढाएं।