लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में न्यूरो मरीजों के इलाज में परेशानी बढ़ने वाली हैं। यहां पर न्यूरो के सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ वरिष्ठ डाक्टर और चीफ प्रॉक्टर डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव ने केजीएमयू से इस्तीफा दे दिया है। डॉ. क्षितिज का इस्तीफा केजीएमयू ही नही न्यूरो सर्जरी विभाग के लिए भी बड़ी परेशानी मानी जा रही है।
चर्चा है कि केजीएमयू में कथित रूप से चल रही दिक्कतों से तंग आकर डॉक्टर क्षितिज ने इस्तीफा देकर कारर्पोरेट हास्पिटल सेक्टर में जाने की संभावना है। फिलहाल डॉ. क्षितिज ने नौकरी छोड़ने से पहले तीन महीने का नोटिस केजीएमयू प्रशासन को थमा दिया है।
केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग में कुल सात डॉक्टर तैनात हैं। यहां के ही विभाग प्रमुख डॉ. बीके ओझा केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पद पर भी हैं। इसके अलावा केजीएमयू प्रशासन ने डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव को चीफ प्रॉक्टर पद की जिम्मेदारी दे रखी है। बताते चले कि न्यूरो सर्जरी विभाग में प्रतिदिन 270 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर में प्रदेश भर से न्यूरो के गंभीर मरीज आते हैं। इनमें ज्यादातर हेड इंजरी का इलाज वाले मरीज हैं। इनकी इमरजेंसी सर्जरी भी हो रही हैं।
पूरे प्रदेश से मरीजों के आने के कारण यहां के डॉक्टरों पर वर्क प्रेशर ज्यादा रहता है। चर्चा हैं कि इन्हीं दुश्वारियों और कारपर्पोरेट अस्पताल से बेहतर ऑफर मिलने पर डॉ. क्षितिज ने इस्तीफा दिया है। विशेषज्ञ डॉ. क्षितिज के जाने से यहां पर सर्जरी और मरीजों के इलाज की वेंटिग और बढ़ जाएगी। दूर दराज से आने वाले मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा। बताते चले कि केजीएमयू में कुछ अर्सा पहले दो वरिष्ठ डाक्टरों ने वीआरएस की मांग की थी, जिसे केजीएमयू प्रशासन अस्वीकार कर दिया था।