बालपुर/गोंडा। शिवा नगर सोनहरा स्थित मां दक्षिणी प्रांगण में श्रीमद् देवी भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास डॉ. कौशलेंद्र महाराज ने कहा कि देवी भगवती समस्त सृष्टि की मां हैं और जो भी उनकी शरण में आता है, उसका कल्याण अवश्य होता है। मां भगवती की कृपा से भक्तों को जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने जीवन में परिवार के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पति-पत्नी जीवन रूपी रथ के दो पहिए हैं, जो एक-दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ते हैं। देवी के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म का बढ़ावा हुआ, तब-तब मां भगवती ने अवतार लेकर भक्तों का उद्धार किया।
डॉ. कौशलेंद्र महाराज ने समाज में बढ़ती वृद्धाश्रम की समस्या पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है, लेकिन आज के समय में कुछ लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता को त्याग देते हैं, जिससे वे कष्टमय जीवन व्यतीत करने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने चेताया कि जो संतान अपने माता-पिता की उपेक्षा करती है, उसे अनेक जन्मों तक कष्ट भोगने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि मां भगवती मोक्षदायिनी हैं और सत्य के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति का जीवन सदैव उन्नति की ओर अग्रसर रहता है। सत्य के मार्ग पर चलना ही वास्तविक धर्म है, और माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं होती।
इस अवसर पर अवध केसरी सेना के अध्यक्ष नीरज सिंह नील, सिंह धनंजय सिंह, अरविंद मिश्रा, शैलेंद्र सिंह गूड्डू, रवि प्रकाश शुक्ला, जितेंद्र शुक्ला, बिष्णु शुक्ला, विवेक पाण्डेय, अनिल अंजनी, देवीप्रसाद, भवानी प्रसाद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।